| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name | Idhar Zindagi Ka |
| Singer Name | Manan Bhardwaj & Sarthak |
| Lyrics Name | Idhar Zindagi Ka Lyrics |
| Music Director | Manan Bhardwaj |
| Label | King of Kings Production |
Idhar Zindagi Ka Lyrics
Idhar Zindagi Ka Lyrics In Hindi
घनाय दरख्त के नीचे सूला के चोर गया
अजीब शक्स था सपना दिखा के चोर गया
यह उजड़ा घर तो उसी ऐक की निशानी है
तू अपने नाम की तख्ती लगा के चोर गया
हम तो तिनके चुन रहे थे आशियाने के लिए
आप से किस नई जगह बिजली गिराने के लिए
हाथ थक जाऊं गे क्यों पीस रहा हो मेहंदी
खून हाजिर है हथेली पे लगाने के लिए
इश्क को दर्द ए सिर कहने वालों सुनो
कुछ भी हो हम नहीं यह दर्द ए सिर ले लिया
वो निगाहों से बच केर कहां जाऊं गे
उब तो उन के मोहल्ले में घर ले लिया
आइए बन थून के शहर ए खामूशान में वो
कब्र दिखाई जो मेरी तो कहनी लगाय
अरे आज इतनी तो इस की तरक्की होई
एक बेघर नई अच्छा सा घर ले लिया
इधर ज़िंदगी का जनाज़ा उठाया जाएगा
उधर ज़िंदगी उन की दुल्हन बनाई जाएगी
क़यामत से पहले क़यामत है यारों
मैराय सामने मेरी दुनिया लुटाई जाएगी
जवानी पे मेरी सितम ढाने वालों
ज़रा सोच लो कि कहा गा ज़माना
इधर मियारे अरमान कफ़न पहन लें गे
उधर उन के हाथों पे मेहंदी लगाई जाएगी
वो परदेय के पीछे परदेय के आएँगे
ना वो आईन आएँ ना मैं जाऊँ पीछे
वो आई बरहें गे तो कुछ भी ना होगा
मैं पीछे हाथों गा तो दुनिया हँसाएगी
अज़ल से मोहब्बत की दुश्मन है दुनिया
कहीं दो दिलों को मिलने न दिन गी
इधर मैराय दिल पर खंजर चलाय गा
उधर उन के माथे पर बिंदिया सजाय गी
अभी उन के हंसने के दिन हैं वो हंस लें
अभी मैराय रोने के दिन हैं मैं रो लूं
मगर एक दिन उन को रोना पराय गा
कि जिस दिन भी मेरी मय्यत उठाई गी

