| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name | Humsafar |
| Singer Name | Akhil Sachdeva |
| Lyrics Name | Humsafar Lyrics |
| Music Director | Mithoon |
| Label | T-Series |
Humsafar Lyrics
Sun mere humsafar
Kya tujhe itni si bhi khabar
Ki teri saanse chalti jidhar
Rahunga bas wahi umrr bhar
Rahunga bas wahi umrr bhar haaye
Jitni haseen ye mulakatein hai
Unse bhi pyari teri baatein hai
Baaton mein teri jo kho jaate hai
Aaun na hosh mein main kabhi
Baahon mein hai teri zindagi haaye
Sun mere humsafar
Kya tujhe itni si bhi khabar
Main toh yoon khada kis
Soch mein pada tha
Kaise jee raha tha main deewana
Chupke se aake tune
Dil mein sama ke tune
Chhed diya kaisa ye fasana
Oh muskurana bhi tujhi se sikha hai
Dil lagane ka tu hi tareeka hai
Aitbaar bhi tujhi se hota hai
Aaun na hosh mein main kabhi
Bahon mein hai teri zindagi haaye
Hai nahi tha pata
Ke tujhe maan lunga khuda
Ki teri galliyon mein iss kadar
Aaunga har paher
Sun mere humsafar
Kya tujhe itni si bhi khabar
Ki teri saanse chalti jidhar
Rahunga bas wahi umrr bhar
Rahunga bas wahi umrr bhar
Humsafar Lyrics In Hindi
सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी सांसे चलती जिधर
रहूंगा बस वही उम्र भर
रहूंगा बस वही उम्र भर है
जितनी हसीं ये मुलाकातें हैं
उनसे भी प्यारी तेरी बातें हैं
बातों में तेरी जो खो जाती है
आऊं ना होश में मैं कभी
बाहों में है तेरी जिंदगी हाय
सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
मैं तो यूं खड़ा किस
सोच में पड़ गया
कैसे जी रहा था मैं दीवाना
चुपके से आके धुन
दिल में समा के तूने
छेड़ दिया कैसा ये फसाना
ओह मुस्कुराना भी तुम्हें सिखाया है
दिल लगाने का तू ही तरीका है
ऐतबार भी तुझसे होता है
आऊं ना होश में मैं कभी
बाहों में है तेरी जिंदगी हाय
है नहीं पता
के तुझे मान लूंगा खुदा
कि तेरी गलियों में इस कदर
आऊंगा हर पहर
सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी सांसे चलती जिधर
रहूंगा बस वही उम्र भर
रहूंगा बस वही उम्र भर
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी सांसे चलती जिधर
रहूंगा बस वही उम्र भर
रहूंगा बस वही उम्र भर है
जितनी हसीं ये मुलाकातें हैं
उनसे भी प्यारी तेरी बातें हैं
बातों में तेरी जो खो जाती है
आऊं ना होश में मैं कभी
बाहों में है तेरी जिंदगी हाय
सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
मैं तो यूं खड़ा किस
सोच में पड़ गया
कैसे जी रहा था मैं दीवाना
चुपके से आके धुन
दिल में समा के तूने
छेड़ दिया कैसा ये फसाना
ओह मुस्कुराना भी तुम्हें सिखाया है
दिल लगाने का तू ही तरीका है
ऐतबार भी तुझसे होता है
आऊं ना होश में मैं कभी
बाहों में है तेरी जिंदगी हाय
है नहीं पता
के तुझे मान लूंगा खुदा
कि तेरी गलियों में इस कदर
आऊंगा हर पहर
सुन मेरे हमसफ़र
क्या तुझे इतनी सी भी खबर
की तेरी सांसे चलती जिधर
रहूंगा बस वही उम्र भर
रहूंगा बस वही उम्र भर

