| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name | Teri Mitti Mein Mil Jawa |
| Singer Name | B Praak |
| Lyrics Name | Teri Mitti Mein Mil Jawa Lyrics |
| Music Director | Anurag Singh |
| Label |
Teri Mitti Mein Mil Jawa Lyrics In Hindi
तलवारों पे सर वार दिये
अंगारों में जिस्म जलाया है
तब जाके के कहीं हमने सर पे
ये केसरी रंग सजाया है
ऐ मेरी ज़मीन अफ़सोस नहीं
जो तेरे लिए सौ दर्द सहे
महफ़ूज़ रहे तेरी आन सदा
चाहे जान मेरी ये रहे ना रहे
ऐ मेरी ज़मीन मेहबूब मेरी
मेरी नस नस में तेरा इश्क बाहे
फीका ना पड़े कभी रंग तेरा
जिस्म से निकल के खून काहे
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
ऊँ..ऊँ
ऊँ..ऊँ..ऊँ
ऊँ..ऊँ
ऊँ..ऊँ..ऊँ
सरसों से भरे खलिहान मेरे
जहां झूम के भागा पा ना सका
आबाद रहे वो गाँव मेरा
जहां लौट के वापस जा ना सका
हो वत्ना वे, मेरे वत्ना वे
तेरा मेरा प्यार निराला था
कुर्बान हुआ तेरी अस्मत पे
मैं कितना नसीबों वाला था
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
केसरी….
हो हीर मेरी तू हस्ती रहे
तेरी आंख घड़ी भर नाम ना हो
मैं मरता था जिस मुखड़े पर
कभी उसका उजाला कम न हो
हो सकती है मेरी क्या फ़िकर तुझे
क्यों आंख से दरिया बहता है
तू कहती थी तेरा चाँद हूँ मैं
और चाँद हमेशा रहता है
तेरी मिट्टी में मिल जावां
गुल बनके मैं खिल जावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू
तेरी नदियों में बह जावां
तेरी खेतों में लहरावां
इतनी सी है दिल की आरज़ू

